कटनी जिले के बडख़ेरा गाँव में जबलपुर की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़ी कार्रवाई की। उन्होंने एक नकली नोट छापने की फैक्ट्री का पर्दाफाश किया। इस कार्रवाई में एक युवक, कृष्णा लोधी (29 साल), को गिरफ्तार किया गया, जो एक ऑनलाइन सेंटर और गारमेंट्स की दुकान चलाता था। नकली नोट छापने के लिए हाईटेक उपकरण जैसे प्रिंटर, स्कैनर, कंप्यूटर, स्पेशल स्याही, कागज, ब्लेड, और नोट के डिजाइन की फाइलें मिली.
STF को पहले से सूचना मिली थी कि कृष्णा लोधी नकली नोट छापता और सप्लाई करता है। उन्होंने 7 दिन तक उसकी गतिविधियों पर नजर रखी। पुख्ता सबूत मिलने के बाद बुधवार शाम को छापा मारा और उसे पकड़ लिया। उसने अपनी दुकान को आड़ बनाकर यह गोरखधंधा चलाया था। पूछताछ में पता चला कि यह नकली नोटों का धंधा सिर्फ कटनी तक सीमित नहीं था। इसका कनेक्शन जबलपुर और शायद दूसरे शहरों या राज्यों से भी हो सकता है। STF अब इस पूरे नेटवर्क की जाँच कर रही है कि नकली नोट कहाँ-कहाँ भेजे जा रहे थे और यह धंधा कब से चल रहा था।
इस कार्रवाई में STF की टीआई निकिता शुक्ला, एसआई गणेश ठाकुर और अन्य अधिकारी शामिल थे। उन्होंने सावधानी और रणनीति से यह ऑपरेशन किया। कृष्णा को पूछताछ के लिए जबलपुर ले जाया गया है, जहाँ और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। एसपी राजेश भदौरिया ने बताया कि नकली नोट, प्रिंटर और मशीनें जब्त की गई हैं। कृष्णा को गिरफ्तार किया गया है और STF पूरे नेटवर्क की जाँच कर रही है। गुरुवार को इस मामले में और खुलासा होगा।
STF को पहले से टिप मिली थी कि कृष्णा लोधी अपने गाँव में एक ऑनलाइन सेंटर और गारमेंट्स की दुकान चलाता है, लेकिन असल में वो 500, 200 और 100 रुपये के नकली नोट छाप रहा है। STF ने 7 दिन तक उसकी हरकतों पर नजर रखी। जब उन्हें पक्के सबूत मिले, तब बुधवार (23 जुलाई 2025) की शाम को छापा मारा। छापे में कृष्णा को पकड़ लिया गया।
पुलिस को शक है कि यह धंधा सिर्फ कटनी तक सीमित नहीं था। कृष्णा के नकली नोटों का नेटवर्क जबलपुर और शायद दूसरे शहरों या राज्यों तक भी फैला हो सकता है। STF अब इस बात की जाँच कर रही है कि ये नकली नोट कहाँ-कहाँ भेजे जा रहे थे? यह धंधा कब से चल रहा था? और कौन-कौन इसमें शामिल था?










